प्रतापगढ़, मार्च 11 -- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की मानपुर पहाड़ियों से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो संघर्ष, साहस और सच्चे साथ की मिसाल बन गई है। यहां दो ऐसे लोग जीवनसाथी बनने जा रहे हैं, जिनकी जिंदगी अलग-अलग दर्द और चुनौतियों से भरी रही, लेकिन अब वही मुश्किलें उनके रिश्ते की ताकत बन गई हैं।जन्म से नेत्रहीन, फिर भी नहीं टूटा हौसला रामलाल मीणा जन्म से ही नेत्रहीन हैं। उन्होंने कभी इस दुनिया को अपनी आंखों से नहीं देखा। उनके लिए सुबह की धूप, खेतों की हरियाली या अपनों के चेहरे सिर्फ एहसासों तक सीमित हैं। इसके बावजूद उन्होंने जीवन से हार नहीं मानी और हर मुश्किल के बीच उम्मीद को जिंदा रखा। यह भी पढ़ें- गैस की किल्लत पर राजस्थान विधानसभा में टकराव, जूली ने सब्सिडी मांगीमजदूरी और खेती से चलता है परिवार का गुजारा रामलाल के पिता हिरिया मीणा गांव स...
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