गाजियाबाद, फरवरी 6 -- गाजियाबाद में तीन सगी बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने की घटना ने सबको हिला कर रख दिया है। हर तरफ चर्चा है कि इसके पीछे कोरियाई ड्रामा, के-पॉप और मोबाइल गेमिंग का हाथ है। लेकिन देश के बड़े मनोचिकित्सकों ने इस थ्योरी को बेहद बचकाना बताकर खारिज कर दिया है। उन्होंने जो असली वजह बताई है, वह हर अभिभावक के लिए खतरे की घंटी है।'मोबाइल वजह नहीं, बीमारी का लक्षण है' एम्स के मनोचिकित्सक डॉ. राजेश सागर का कहना है कि सिर्फ स्क्रीन टाइम या के-पॉप को दोष देना असली मुद्दे से मुंह मोड़ने जैसा है। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लत जड़ नहीं, बल्कि एक लक्षण है। हैरान करने वाली बात यह है कि ये बच्चियां पिछले 5 साल से स्कूल नहीं गई थीं। डॉ. सागर के मुताबिक, 'सालों का अकेलापन, घर में कैद रहना और पारिवारिक कलह ने उन्हें मानसिक रूप से तोड...
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