नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन मजदूरों की उस अनसुनी आवाज का नतीजा है जो लंबे समय से आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। कम वेतन और बढ़ते किराए के कारण मजदूर कर्ज में डूब रहे हैं। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों और नए लेबर कोड की आलोचना करते हुए कहा कि 12 घंटे काम करने के बाद भी मजदूरों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने 20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग को जायज ठहराया और मजदूरों को देश की रीढ़ बताते हुए उनके अधिकारों के लिए साथ खड़े होने का वादा किया।नोएडा की सड़कों पर कल जो हुआ? राहुल गांधी ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वह इस देश के मजदूरों की आखिरी पुकार थी। एक ऐसी पुकार जिसकी हर आवाज को नजरअंदा...