नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और सभी राज्यों को एक जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में मतदान केंद्रों पर फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग की गई है, ताकि चुनावी गड़बड़ियों जैसे डुप्लिकेट वोटिंग, व्यक्ति छलावा और घोस्ट वोटिंग को रोका जा सके। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बागची की पीठ ने याचिका पर ईसीआई और सरकार से जवाब मांगा है। यह भी पढ़ें- पवन खेड़ा के सपोर्ट में आए राहुल गांधी, हिमंत को बताए 'देश का सबसे भ्रष्ट सीएम' याचिकाकर्ता एडवोकेट और सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की है। अदालत ने यह भी साफ किया कि इस प्रक्रिया में नियमों में बदलाव और भारी वित्तीय बोझ शामिल होगा, इसलिए आगामी चुनावों के ...