प्रयागराज, मार्च 30 -- UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि क्या बिना नोटिस दिए किसी धार्मिक स्थल को सील किया जा सकता है? कोर्ट ने जानना चाहा है कि वह किस कानून के तहत किसी धर्म स्थल को सील कर सकती है और क्या बिना पूर्व नोटिस दिए ऐसा करना वैध है। अदालत ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। एहसान अली की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ यह आदेश दिया। याची का कहना है कि उसने सितंबर, 2019 में मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ तहसील के भोपा गांव में ज़मीन विधिवत रजिस्ट्री के जरिए खरीदी थी। वह इस ज़मीन पर मस्जिद निर्माण के लिए धन जुटा रहा था, लेकिन राज्य के अधिकारियों ने उस स्थल को सील कर दिया। प्रशासन का कहना है कि निर्माण अवैध है। इसके लिए संबंधित प्राध...