नई दिल्ली, मार्च 10 -- एम जे अकबर, वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री ईरान कोई वेनेजुएला नहीं है। इसे अब अमेरिका बखूबी समझ रहा होगा। वेनेजुएला की हुकूमत तो 'फर्जी सोशलिस्ट' के हाथों में थी, जिसके कारण राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ही वहां सब कुछ शांत हो गया। मगर ईरान 'फर्जी शियाओं' का मुल्क नहीं है। यहां के लोग अपनी आस्था पर पूरा यकीन रखते हैं। उनके लिए अयातुल्ला खामेनेई कोई हाड़-मांस के इंसान नहीं थे। इसलिए यह समझना कि उनकी मौत के बाद ईरान बिखर जाएगा, आज अमेरिका की बड़ी गलतफहमी साबित हो रही है। सिर्फ नेता को मार देने से तंत्र नहीं खत्म होता। अब खामेनेई के दूसरे बेटे मुजतबा खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बनाए गए हैं। इजरायल-अमेरिका के लगातार हमलों के बीच सर्वोच्च नेता चुनने वाली 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट' न सिर्फ बैठी, बल्कि ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.