रांची, जुलाई 19 -- अगर आपने बैंक की नीलामी में जमीन खरीदी है और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो क्या आपको जमीन का कब्जा नहीं मिलेगा? इस सवाल पर झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि केवल म्यूटेशन में विसंगति होने के आधार पर खरीदार को जमीन का कब्जा देने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि म्यूटेशन जमीन के स्वामित्व का प्रमाण नहीं होता।जानिए कहां से शुरू हुआ मामला मामला पूर्वी सिंहभूम निवासी अंजनी कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने यूको बैंक की नीलामी में मौजा उल्दा स्थित दो भूखंड खरीदे थे। उनका कहना था कि म्यूटेशन स्लिप में विसंगति होने के कारण उन्होंने बैंक से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब नहीं मिलने के कारण उन्हें जमीन का कब्जा नहीं मिल सका। वही...