नई दिल्ली, फरवरी 10 -- केरल हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षक की ओर से छात्रों को अनुशासन में लाने के लिए छड़ी का उचित और सीमित उपयोग अपराध नहीं माना जाएगा। यह फैसला जस्टिस सी. प्रथीप कुमार के सुनाए गए एक मामले में आया, जहां 36 वर्षीय टीचर पर छात्र को छड़ी से मारने का आरोप था। मामला सिबिन एसवी बनाम केरल राज्य के नाम से दर्ज था। घटना 10 फरवरी 2025 को वेंगलूर स्कूल के स्टाफ रूम में हुई, जहां शिक्षक ने अनुशासनहीनता के लिए छात्र को न्यूनतम शारीरिक दंड दिया। छात्र को दर्द होने पर उसी दिन स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई। यह भी पढ़ें- नरवणे की किताब पर दूसरी बार सफाई, बांग्लादेश में फिर खूनखराबा; टॉप-5 खबरें तीन दिन बाद, 13 फरवरी को एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1) और किशोर...
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