गुरुग्राम, जुलाई 6 -- मानसून आते ही गुरुग्राम की कई सड़कें हर साल तालाब जैसी नजर आने लगती हैं। हीरो होंडा चौक, राजीव चौक और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48) जैसे इलाकों में थोड़ी देर की तेज बारिश भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। सड़कें पानी में डूब जाती हैं, वाहन फंस जाते हैं और घंटों तक ट्रैफिक जाम लगा रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने 105 करोड़ रुपये की लागत से नया 'लेग-4 स्टॉर्मवॉटर ड्रेन' तैयार किया है। अब सवाल यह है कि क्या इससे शहर की सालों पुरानी जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी?गुरुग्राम में हर साल जलभराव क्यों होता है? गुरुग्राम की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी चुनौती है। शहर अपेक्षाकृत निचले इलाके में बसा है और अरावली की पहाड़ियों से बारिश का पानी तेजी से नीचे आता है। यह...