नई दिल्ली, मई 10 -- हिंदू धर्म में कुलदेवता और इष्ट देवता दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अधिकतर लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं। वास्तव में इन दोनों की पूजा, महत्व और स्वरूप पूरी तरह अलग हैं। कुलदेवता पूरे परिवार की रक्षा करते हैं, जबकि इष्ट देवता व्यक्तिगत श्रद्धा और भावना पर आधारित होते हैं। इन दोनों की सही समझ और पूजा से जीवन में सुख-शांति और सुरक्षा बनी रहती है।कुलदेवता कौन होते हैं? कुलदेवता या कुलदेवी पूरे वंश की रक्षक शक्ति होती हैं। 'कुल' शब्द परिवार या वंश से बना है। ये देवता पीढ़ी दर पीढ़ी आपके खानदान की देखभाल करते हैं। इनका संबंध आपके पूर्वजों और गोत्र से जुड़ा होता है। शास्त्रों में कुलदेवता को परिवार का अभिभावक माना गया है। शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत कुलदेवता के आशीर्वाद से ही की जाती...