नई दिल्ली, जून 2 -- क्या किसी सरकारी कर्मचारी को नौकरी के लिए तय डिग्री से ज्यादा उच्च योग्यता होने की जानकारी छिपाने पर नौकरी से निकाला जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेलंगाना हाईकोर्ट के एक फैसले की जांच करने पर सहमति जताई। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में केंद्र सरकार के उस निर्णय को सही ठहराया गया था, जिसमें एक अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को नौकरी से निकाल दिया गया था। आरोप था कि उस व्यक्ति ने 'वर्क असिस्टेंट' की नौकरी के लिए तय 'दसवीं पास' के मापदंड के मुकाबले अपनी 'इंटरमीडिएट पास' होने की जानकारी छिपाई थी। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने पवार सुभाष की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह भी पढ़ें- जूनियर इंजीनियर पद पर सिर्फ डिप्लोमाधारी का दावा, सुप्रीम कोर्ट में ग्रेजुएट इं...