नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- आजकल घरों में एक अजीब-सा बदलाव देखने को मिलता है। पहले जहाँ बच्चे पेरेंट्स से डरते थे, वहीं अब कई बार पेरेंट्स ही बच्चों से डरने लगते हैं। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा बताती हैं कि यह डर इस वजह से होता है क्योंकि पेरेंट्स को लगता है कि कहीं उनका बच्चा उनसे बात करना बंद ना कर दे, गुस्सा ना हो जाए या उनसे दूर ना चला जाए। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनकी आवाज, शरीर और एटीट्यूड में काफी बदलाव आता है। कई बार उनकी तेज आवाज या गुस्से भरे शब्द पेरेंट्स को भीतर तक डरा देते हैं। धीरे-धीरे यह डर इतना बढ़ जाता है कि पेरेंट्स बोलना ही छोड़ देते हैं और घर में एक तरह की चुप्पी छा जाती है। ऐसे में कही ना कही खराब पेरेंटिंग की शुरुआत हो जाती है। चलिए जानते हैं पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के मुताबिक ऐसी सिचुएशन में क्या करना चाहिए।...
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