नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- कालसर्प का निर्धारण कुंडली में राहु और केतु की स्थिति और दूसरे ग्रहों को बलशाली होने की स्थिति को देखकर किया जाता है। कई बार यह अच्छा भी होता है और कई बार परेशान करने वाली भी होता है। इसके कई प्रकार होते हैं, लेकिन कालसर्प योग है, इसको लेकर आपको अच्छे से निर्धारण करवाना चाहिए। इसकी कई परिस्थितियां हैं, इसलिए बारीकी से देखना बहुत जरूरी है। आपको बता दें कि कालसर्प योग से डरने की भी जरूरत नहीं है। कालसर्प हमेशा कष्टकारक ही नहीं होता है, कई बार यह आपके लिए लाभकारी होता है। कई बार यह व्यक्तिको विश्वस्तरपर न केबल प्रसिद्ध बनाते हैं अपितु सम्पत्ति, वैभव, नाम, प्रसिद्धि देनेवाले भी बन जाते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि इसके कुछ लक्षण और कहां इसको शांत कराना चाहिए।क्या है कालसर्प योग और क्या हैं इसके लक्षण अगर आपकी कुंडली में...