नई दिल्ली, मई 10 -- सुरेश भाई,पर्यावरण कार्यकर्ता उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के बाली घाट से कोटमन्या तक मौजूदा मोटर मार्ग की दूरी लगभग 54 किलोमीटर है। सघन वनों के बीच से गुजर रही इस सड़क के दोनों ओर हिमालय का अद्भुत नजारा है। यहीं पर महात्मा गांधी की शिष्या सरला बहन का आश्रम है, जो 'हिम दर्शन कुटीर' के नाम से जाना जाता है। इस वन में बड़ी संख्या में बांज, बुरांश, काफल, उतीस जैसी दुर्लभ प्रजातियों के वृक्ष मौजूद हैं। फिलहाल इस सड़क-मार्ग की चौड़ाई करीब छह मीटर है, जिसे 12 से 18 मीटर किए जाने की तैयारी है। जाहिर है, इससे दुर्लभ वन प्रजाति के अनेक पेड़ काटने पड़ेंगे, वे कट जाएंगे। यह हाल सिर्फ उत्तराखंड का नहीं है। 'द स्टेट ऑफ इंडियाज एन्वायर्नमेंट 2026' रिपोर्ट बताती है कि साल 2023-24 में देश भर में 29,000 हेक्टेयर वन-भूमि का इस्तेमाल गैर-व...