गया, अप्रैल 20 -- वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और उद्यमिता कौशल से लैस होना आवश्यक है। ताकि वो रोजगार के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बन सकें। यह बातें केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतनराम मांझी ने सोमवार को मगध विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम में कही। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास की अहम भूमिका पर जोर देते हुए एमएसएमई क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह भी पढ़ें- युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए : प्रो. उपाध्याय उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों...