गया, जुलाई 15 -- कौशल को रोजगार और उद्यमिता में बदलकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इसके लिए एमएसएमई की योजनाएं और तकनीकी सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बातें बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस पर मगध विश्वविद्यालय में 'एमएसएमई के माध्यम से हस्तशिल्प, सिलाई, फैशन एवं होम डेकोर उत्पादों में उद्यमिता एवं स्वरोजगार के अवसर' विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में एनएसआइसी टेक्निकल सर्विस सेंटर के हेड मनोज कुमार ने कही। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। एनएसआईसी टेक्निकल सर्विस सेंटर के मैनेजर कमल नयन ने कहा कि हस्तशिल्प, सिलाई, फैशन डिजाइन और होम डेकोर जैसे क्षेत्रों में हुनर को व्यवसाय का रूप देकर युवा रोजगार पाने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। यह भी पढ़ें- कौशल को...