प्रमुख संवाददाता, मार्च 7 -- UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक के ठीक एक दिन बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने करोड़पति लेखपाल आलोक दुबे को बर्खास्त कर दिया। राजस्व निरीक्षक रहे आलोक दुबे ने पद का दुरुपयोग करते हुए 70 करोड़ से ज्यादा की 41 संपत्तियां बनाईं थीं। बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हुआ था। इसके बाद आलोक को डिमोट करते हुए लेखपाल बनाकर बिल्हौर तहसील भेज दिया गया था। आलोक की ओर से दाखिल की गई अपील को मंडलायुक्त ने खारिज करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी। अफसरों का दावा है कि कानपुर में इस तरह से लेखपाल को बर्खास्त करने का यह पहला मामला है। मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि मामला उस समय सामने आया था, जब आलोक दुबे राजस्व निरीक्षक के पद पर काम करते हुए जमीनों के क...