नई दिल्ली, मार्च 2 -- अमेरिका और इजरायल के हमलों में खामेनेई की हत्या के बाद ईरान में राजनैतिक रूप से भी संकट गहरा गया है। खामेनेई भले ही अपनी मृत्यु के बाद के संकटों को लेकर एक समिति का गठन करके गए हों, लेकिन अब उनकी गद्दी के लिए और ईरान पर प्रभाव बढ़ाने के लिए तमाम लोग सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं, इस्लामिक गणराज्य ईरान के संस्थापक दिवंगत अयातुल्ला खुमैनी के पोते हसन खुमैनी। ईरान के जानकारों का मानना है कि खामेनेई के जिंदा रहते भले ही हसन सार्वजनिक रूप से ज्यादा नजर नहीं आए हों, लेकिन अब वह नया सुप्रीम लीडर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दिवंगत अयातुल्ला खुमैनी के 15 पोते-पोतियों में से 53 वर्षीय हसन खुमैनी सबसे ज्यादा राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। ईरान की राजनैतिक गलियों में उन्हें एक सुधारवादी व्यक्तित्व के त...
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