नई दिल्ली, जून 5 -- बाजार नियामक सेबी (SEBI) के एक हालिया अंतरिम आदेश ने भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार में भूचाल ला दिया है। सोने की रिफाइनिंग और आभूषण निर्माण के क्षेत्र की दिग्गज कंपनी 'राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड' (REL) और इसके प्रमोटर राजेश मेहता पर 15.15 लाख करोड़ रुपये (लगभग 158 अरब डॉलर) की वित्तीय हेराफेरी का आरोप लगा है। इस भारी-भरकम आंकड़े के कारण ही इसकी तुलना भारत के कई वर्षों के रक्षा बजट से की जा रही है और इसे इतिहास के सबसे बड़े कथित एकाउंटिंग घोटालों में से एक माना जा रहा है।फर्श से अर्श तक का सफर: कौन हैं राजेश मेहता? राजेश मेहता 1995 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई कंपनी 'राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड' के संस्थापक और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। राजेश मेहता को दशकों तक एक ऐसे कामयाब उद्यमी के तौर पर देखा जाता रहा, जिन्होंने अपन...