मुख्य संवाददाता, सितम्बर 9 -- अगली सदी की नींव रखने व आईआईटी आईएसएम धनबाद की स्थापना के शताब्दी वर्ष में प्रवेश करने पर सौ वर्ष, सौ करोड़ रुपए की अपील को पूर्ववर्ती छात्र हाथों हाथ ले रहे हैं। यहां से पढ़ाई कर विभिन्न पदों पर कार्यरत पूर्ववर्ती छात्र अब संस्थान को वापस देने की परंपरा को निभाते हुए संस्थान के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। माइनिंग इंजीनियरिंग 1961 बैच के पासआउट छात्र अमृत सागर चोपड़ा ने संस्थान में प्रस्तावित शताब्दी भवन के कन्वेंशन हॉल के लिए शताब्दी फंड में पहले तीन करोड़ रुपए का योगदान दिया था। अब चोपड़ा ने आईआईटी धनबाद के निरंतर विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए अपने जीवनकाल तक हर साल एक करोड़ देने का संकल्प लिया है। 9 दिसंबर 1926 को स्थापित तत्कालीन इंडियन स्कूल ऑफ माइंस धनबाद यानी वर्तमान का आईआईटी धनबाद वर्ष 20...