नई दिल्ली, जनवरी 2 -- एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा कि महाराज जी मैं भगवान से मनचाहा वरदान प्राप्त करना चाहता हूं, मैं ऐसी कौन सी तपस्या या साधना करूं, जिससे भगवान स्वयं वर देने के लिए प्रकट हो जाए? चलिए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी ने क्या जवाब दिया। इसका जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि भगवान ने कहा कि अर्थार्थी भी भक्त कहे गए हैं। महाराज जी कहते हैं कि पहली बात तो ब्रह्मचर्य से रहो। दूसरी बात पवित्र आहार करो, वो भी अल्पाहार। जिससे प्राण पोषण हो जाए और निरंतर नाम जप करो। इससे जो चाहो वो प्राप्त कर सकते हो। महाराज जी ने बताया क्या ना करेंमहाराज जी कहते हैं कि किसी की निंदा ना करें और ना सुनें। लेकिन ये कर पाना खिलवाड़ नहीं है। भगवान को साक्षात्कार करना खिलवाड़ नहीं है। ब्रह्मचर्य किसी तरह खंडित नहीं होना चाहिए। ...
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