सहरसा, फरवरी 11 -- सहरसा, रंजीत। कोसी नदी पक्षियों ही नहीं राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन, घड़ियाल और कछुए का भी बसेरा है। इस नदी की खासियत यह है कि यहां गांगेय डॉल्फिन के बच्चे जन्म लेते और पलते हैं। पक्षी गणना के दौरान आठ की संख्या में बड़े और छोटे डॉल्फिन विचरते दिखे। लेकिन, सबसे अधिक कौतूहल का विषय 12 फुट लंबा घड़ियाल का दिखना है। कोसी महासेतु से वीरपुर बराज तक पक्षी गणना के दौरान विशेषज्ञों को 20 नंबर स्पर के सामने एक 12 फुट लंबा घड़ियाल छोटे दियारा पर बैठा दिखा। आशंका है कि सात साल पहले वर्ष 2018 के फरवरी माह में 21 नंबर स्पर के नीचे दिखा घड़ियाल तो यह नहीं है। पूर्व के अवलोकन मुताबिक वर्ष 2019 में सहरसा जिले में एक वयस्क व एक किशोर घड़ियाल और 2022 में महिषी में कारु खिरहरी मंदिर समीप सिल्ट पर बैठा मगरमच्छ संभावित घड़ियाल दिखा था। सुपौल जिले क...
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