प्रयागराज, अगस्त 28 -- लगातार हो रही बारिश के बीच फसलों के नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसे लेकर प्रशासन व कृषि विभाग की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। फिलहाल कोरांव, कौड़िहार और मेजा के उन क्षेत्रों में टीम की नजर है, जहां पर नदी और नालों के करीब खेती हो रही है या फिर क्षेत्र बहुत अधिक निचले हैं। अफसरों ने बताया कि सर्वे शुरू कर दिया गया है। अधिकांश जगह अभी पानी है। क्योंकि यह समय धान की बुवाई का है, धान की खड़ी फसल में चार से पांच दिन तक पानी रहने पर परेशानी नहीं होती है। इससे अधिक जलजमाव से ही ऑक्सीजन नीचे नहीं जाता और फसल नष्ट होने की आशंका रहती है। ऐसे में जब तक खेतों से पानी निकलता नहीं है, तब तक यह कहना मुश्किल है कि कोई नुकसान हुआ है या फिर नहीं। उप निदेशक कृषि पवन कुमार विश्वकर्मा ने इतना जरूर कहा कि अगर किसान क्रेडिट कार...