सुपौल, मई 25 -- वीरपुर, एक संवाददाता सीमावर्ती क्षेत्रों में कभी किसानों की आय का प्रमुख आधार रही पटुआ (जूट) की खेती एक समय लगातार सिमटती जा रही थी। जल संकट, बढ़ती मजदूरी और बदलते प्राकृतिक हालात के कारण किसान इस पारंपरिक नगदी फसल से दूरी बनाने लगे थे। लेकिन अब बाजार में पटुआ की बढ़ती मांग और बेहतर कीमतों ने किसानों को फिर से इस फसल की ओर आकर्षित किया है। इसका असर यह है कि आज प्रखंड के सैकड़ों एकड़ खेतों में पटुआ की फसल लहलहा रही है। इसी के साथ बसंतपुर प्रखंड के किसानों ने आधुनिक और लाभकारी खेती को अपनाकर कृषि क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। परंपरागत खेती की चुनौतियों के बीच यहां के किसान नवाचार के जरिए खेती को लाभकारी बनाने में जुटे हैं। बलुआही और कभी बंजर मानी जाने वाली जमीन अब राजमा और मूंगफली जैसी फसलों के कारण किसानों की आय का मजबूत आ...