अररिया, दिसम्बर 9 -- बथनाहा । एक संवाददाता बथनाहा की पहचान और गौरव का प्रतीक रहा ललित नारायण द्वार आज भी अपने पुनर्निर्माण का इंतजार कर रहा है। जोगबनी फारबिसगंज सड़क निर्माण के दौरान इस द्वार को यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया गया था कि काम पूरा होने के बाद इसे पहले से बेहतर स्वरूप में दोबारा खड़ा किया जाएगा लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क बनने के करीब 10-12 साल बाद भी द्वार का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। ललित द्वार से जुड़ी थी बथनाहा की पहचान: स्थानीय लक्ष्मी नारायण गुप्ता, सामाजिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष राजेश शर्मा सहित ग्रामीणों का कहना है कि ललित नारायण द्वार सिर्फ ईंट-पत्थर की रचना नहीं था, बल्कि यह बथनाहा की पहचान और गौरव का प्रतीक था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दूर-दराज से जो भी यात्री आते थे, इस द्वार को देखकर ही समझ जाते ...
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