सुपौल, अगस्त 10 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। कोसी की धार और बाढ़ से जूझने वाले सुपौल जिले में तटबंधों के किनारे अब हरियाली की तस्वीर भी बदल रही है। बाढ़ से सुरक्षा देने वाले तटबंध अब पौधों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम बन रहे हैं। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 2021-22 से 2025-26 तक 2 लाख 68 हजार 500 पौधे लगाए गए हैं। इनमें पूर्वी कोसी तटबंध और पश्चिमी कोसी तटबंध के अलावा अन्य नदियों के तटबंधों के किनारे भी पौधारोपण किया गया है। विभाग का दावा है कि लगाए गए पौधों में 75 से 80 फीसदी अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं। पौधारोपण अभियान के तहत तटबंधों के किनारे छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधे लगाए गए हैं। पौधों को मवेशियों से बचाने और शुरुआती वर्षों में सुरक्षित रखने के लिए कई स्थानों पर गैबियन यानी बांस या जाली का घेरा भी लग...