चित्रकूट, जनवरी 6 -- चित्रकूट। संवाददाता कोषागार घोटाले की छानबीन कर रही पुलिस एसआईटी ने मंगलवार को मौजूदा और पूर्व में तैनात रहे दो वरिष्ठ कोषाधिकारियों(सीटीओ) से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। अलग-अलग पूछताछ के बाद इनका आमना-सामना भी कराया गया। पूछताछ के दौरान सभी अपने आप को निर्दोष बताकर एक-दूसरे पर दोष मढ़ते रहे। उधर पुलिस एसआईटी ने छानबीन में सामने आए एक दलाल अजय सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई अजीत सिंह यादव भाग निकला। वर्ष 2018 से 30 सितंबर 2025 तक 93 चिन्हित पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान कर 43 करोड़ 13 लाख रुपये का गबन किया गया है। पुलिस एसआईटी करीब ढाई माह से इसमें छानबीन कर रही है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने घोटाले की तह तक जाने के लिए मौजूदा वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह व पूर्व में तैनात रहे वरिष्ठ कोषाधिकारी क...
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