जमशेदपुर, मार्च 26 -- कोल्हान विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्यनिष्ठा के लिए प्लेगरिज्म डिटेक्शन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य शोधार्थियों और शिक्षकों को ड्रिलबिट सॉफ्टवेयर के बारे में बताना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अकादमिक लेखन में ईमानदारी और मौलिकता पर जोर दिया। कुलसचिव डॉ. रंजीत कर्ण ने स्वागत भाषण में प्लेगरिज्म की गंभीरता और इसके अकादमिक नुकसान पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता ड्रिलबिट इंडिया के सीनियर रीजनल मैनेजर सौम्यजीत दत्ता चौधरी ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग करके वैश्विक स्रोतों से सामग्री का मिलान करता है। यूजीसी से मान्यता प्राप्त यह टूल प्रभावी होने के साथ-साथ किफायती भी है।प्रथम सत्र में प्लेगरिज्म के विभि...