जमशेदपुर, मई 5 -- हाथियों के बसेरा के लिए देश में विख्यात कोल्हान में हाथियों का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यहां वन विभाग की सौ करोड़ की योजनायें भी उत्पात रोकने में बेसअर रही हैं। दलमा वन्य जीव अभयारण्य में बेशक हाथियों को देखने के लिए हर साल पयर्टकों की भीड़ उमड़ती है, पर इसके आसपास के गांवों की स्थिति बेहद खराब है। कोल्हान में जंगलों की कटाई, भौगोलिक परिदृश्य बदलने और उनके रास्ते में इंसानों के कब्जे के कारण हाथियों का यह बसेरा खतरनाक बनता जा रहा है। हालत यह है कि अब यहां आए दिन मानव-हाथी संघर्ष हो रहे हैं। यह भी पढ़ें- सारंडा में आईईडी ब्लास्ट में हाथी घायल जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। संरक्षण और नियंत्रण के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं बनीं, बावजूद इसके हालात काबू में नहीं आ सके। करीब 50 किलोमी...
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