सराईकेला, मई 15 -- जमशेदपुर, मुख्य संवाददाता कोल्हान प्रमंडल में आकाशीय बिजली यानी वज्रपात लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। एक वर्ष में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में कुल 63 लोगों की मौत वज्रपात से हो गई है। राज्य स्तर पर 31 मार्च तक ठनका और अन्य मौसम आधारित आपदा से मरने वालों की संख्या 431 तक पहुंच चुकी है। इनमें बड़ी संख्या आकाशीय बिजली से हुई मौतों की है। यह भी पढ़ें- मौसम विभाग के एप से मिलती है सटीक जानकारीप्रभावित क्षेत्र चाकुलिया, पोटका और सरायकेला-खरसावां का कुचाई क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में गिना जा रहा है। यहां ग्रामीण और आदिवासी आबादी खेती, जंगल और खुले मैदानों में काम करती है, जिससे बारिश और गरज-चमक के दौरान जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिजली सुरक्षा पर शमन...