नई दिल्ली, जनवरी 27 -- कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा वसा तत्व होता है, जो हमारे शरीर के हर सेल में पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल गुड और बैड दोनों टाइप के होते हैं और ये शरीर के अलग-अलग हिस्से में अपना काम करते हैं। शरीर खाना पचाने, विटामिन डी बनाने, हार्मोन बैलेंस करने के लिए अपने हिसाब से कोलेस्ट्रॉल बना लेता है। लेकिन जब हम कुछ ऑयली या अनहेल्दी खा लेते हैं, तो कोलेस्ट्रॉल शरीर में ज्यादा हो जाता है। ऐसे में ये बैड कोलेस्ट्रॉल की कैटेगरी में आ जाता है। ये कोलेस्ट्रॉल ब्लड वेसेल्स (धमनियों) पर चिपक जाता है और ज्यादा बढ़ने पर ये प्लॉक जैसा जमा हो जाता है। धीरे-धीरे ये नसों को ब्लॉक करने लगता है और खून का दौरा कम करने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए लोग कई तरह के मेडिकेशन का सहारा भी लेते हैं लेकिन आप नेचुरल तरी...
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