वाराणसी, जुलाई 10 -- वाराणसी। काशी वंदन के अंतर्गत नमो घाट पर नित्य होने वाली सांस्कृतिक संध्या में शुक्रवार को कोलकाता की नृत्यांगना पियाली चंद्रा का मनमोहक कथक नृत्य हुआ। उन्होंने शिव स्तुति से प्रस्तुति का आरंभ किया। तत्पश्चात पारंपरिक कथक के अंतर्गत झपताल में टुकड़ा, तोड़, तिहाई, परन, गतफर्द आदि का प्रदर्शन किया। समापन पं.बिरजू महाराज द्वारा लिखित और संयोजित ठुमरी 'जाने दो जाने दो' पर भावनृत्य से किया। संचालन तरुण कुमार सिंह और संयोजक अंशुमान महाराज ने किया। यह भी पढ़ें- Varanasi News: नृत्य नाटिका में हुए काशी की परंपराओं के दर्शन

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