कोर्ट रूम में मारपीट को हाईकोर्ट ने गंभीर आपराधिक कृत्य माना, एफआईआर की सिफारिश
नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 28 अक्तूबर को एक कोर्ट रूम में वकीलों के किए गए कथित हंगामे और मारपीट की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने इस कृत्य को न्यायालय की आपराधिक अवमानना और गंभीर आपराधिक कृत्य करार देते हुए मामले को उचित कार्रवाई व सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया गया है कि वे रजिस्ट्रार जनरल को दोषी वकीलों के खिलाफ हिंसा भड़काने, साजिश रचने, तोड़फोड़ और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दें। आदेश के अनुसार 28 अक्तूबर की सुबह जब पीठ बैठी तो वकीलों के एक उग्र समूह ने कोर्ट रूम के भीतर और बाहर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे न्यायिक कार्य बाधित हो गया और पीठ क...
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