नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को 'मामलों को हल्के में लेने' के लिए आड़े हाथ लेते हुए देशभर में रह रहे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों के साथ जारी भेदभाव पर चिंता जताई। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि वह पूर्वोत्तर के लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए कोर्ट द्वारा अनिवार्य की गई मॉनिटरिंग कमेटी की बैठकें हर तीन महीने में क्यों नहीं बुला रही है। पीठ ने कहा कि हम इस मामले को बंद नहीं करने वाले हैं। हमने इस मामले को लंबित रखा हुआ है, इसके बावजूद आप (केंद्र) इसे बहुत हल्के में ले रहे थे, इसमें कोई शक नहीं है। 15 दिसंबर के बाद, जब तक हमनें आपसे बैठक बुलाने को नहीं कहा, तब तक आपने कोई बैठक नहीं की। आपको (केंद्र सरकार को) हर तीन महीने में यह बैठक करनी थी। मामले की...