श्रुति कक्कड़, सितम्बर 29 -- दिल्ली में ट्रायल कोर्ट की एक जज ने 10 साल की बलात्कार पीड़िता बच्ची के मामले में दोषी को सजा सुनाते हुए मासूम का हौसला बढ़ाने के लिए उसके नाम पर एक संदेश लिखा था। जिसे अब पत्र के रूप में प्रकाशित करके उसी मासूम तक पहुंचाया जाएगा। इस बारे में दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया और दो सप्ताह के भीतर रेप पीड़िता तक पहुंचाने का निर्देश दिया। दरअसल ट्रायल कोर्ट से उम्र कैद की सजा मिलने के बाद दोषी शख्स से सजा को चुनौती देते हुए राहत पाने के लिए हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को यह पत्र मासूम को दी जाने वाली मुआवजा राशि के साथ उस तक पहुंचाने का आदेश दिया। बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की यह घटना तीन साल पहले उस वक्त हुई थी, जब उसकी उम्र मात्र 7 साल थी, और इस वारदात ...