बांदा, फरवरी 20 -- यूपी के बांदा में जनपद न्यायालय परिसर में शुक्रवार को पूरे दिन गहमागहमी रही। पॉक्सो अदालत के कठघरे में जेई रामभवन गुमसुम खड़ा रहा। करीब एक घंटे बाद वह कठघरे में किनारे अपना माथा पकड़कर बैठ गया। वहीं दुर्गावती भी पास ही बेंच पर बैठी कभी फफक कर रोती तो कभी गुमसुम होकर बैठ गई। यौन शोषण मामले में शाम 3:11 बजे जैसे ही अदालत ने फांसी का फैसला सुनाया, दुर्गावती मां से लिपककर रोने लगी। दोनों ने कोर्ट से बाहर लाकअप में जाते समय किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत में सुबह करीब 11 बजे पुलिस अभिरक्षा में दोनों दोषी पहुंच गए। इस बीच सीबीआई के इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम कुमार, लोक अभियोजक सीबीआई दारा सिंह मीणा और सहायक लोक अभियोजक सौरभ सिंह आदि भी कोर्ट के अंदर उपस्थित रहे। दोनों पति-पत्नी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.