कानपुर, मई 27 -- कानपुर। फर्जी डिग्री मामले में अपर जिला जज निशा श्रीवास्तव ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अभियोजन ने तर्क रखा कि आरोपी की मामले के सह अभियुक्त से दो साल में 1287 बार बातचीत हुई। ऐसे में अग्रिम जमानत मिली तो आरोपी साक्ष्य नष्ट कर सकता है। इससे विवेचना प्रभावित होगी। फर्जी डिग्री मामले में बारफोक मंगन सिक्किम निवासी मयंक भारद्वाज ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दी। अग्रिम जमानत का आधार लिया कि उसने कोई फर्जी प्रमाणपत्र तैयार नहीं किया है और न किसी को दिया है। सह अभियुक्त के बयान के आधार पर उसे फंसाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद त्रिपाठी ने विरोध में दलील दी कि मयंक भारद्वाज से इस मामले के सह अभियुक्त शैलेंद्र कुमार के बीच एक फरवरी 2024 से 13 फरवरी 2026 के दौरान 625 इनकमिंग व 662 आउटगोइंग काल पर ...