नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। देश में पहले से ही बड़े पैमाने पर हो रहे बाल मजदूरी को कोरोना महामारी ने और बढ़ा दिया। दुनियाभर में 2020 में आई कोरोना महामारी के चलते आर्थिक तंगी और सामाजिक सुरक्षा का व्यवस्था बिगड़ने की वजह से देश में बड़े पैमाने पर कम उम्र के बच्चे बाल मजदूरी करने के लिए मजबूर हो गए। इसका खुलासा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की एक रिपोर्ट से हुआ है।

बाल मजदूरी में वृद्धि इसमें कहा गया है कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार भारत में 5 से 14 साल की उम्र के लगभग 1.01 करोड़ बच्चे बाल मजीदूर में शमिल थे। लेकिन हाल के विश्लेषण से पता चलता है कि शहरों में बाल श्रम बढ़ा है। इतना ही नहीं, तेजी से हो रहे शहरीकरण और सस्ते मजदूरों की मांग के कारण शोषण का दायरा गांवों से शहरों की ओर बढ़ रहा है। एनएचआरसी ...