कोणार्क की मूर्तिकला को पांच वर्गो में बांटकर व्याख्यान दिया
लखनऊ, सितम्बर 2 -- लखनऊ। पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम के 11वें दिन छतर मंजिल सभागार में वृंदावन शोध संस्थान मथुरा के निदेशक ने अपना व्याख्यान दिया। निदेशक डॉ. राजीव द्विवेदी ने कोणार्क की मूर्तिकला एवं कोणार्क एक अधूरा स्थापत्य विषय पर दो व्याख्यान छात्रों को दिए। इस दौरान उड़ीसा की मूर्तिकला भारतीय कला परंपरा और मंदिर को मानव शरीर के रूपक के रूप में समझाते हुए उसके बाड़ा, गंडी और मस्तक आदि स्थापत्य अंगों की व्याख्या की। इस मौके पर पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने डॉ. राजीव द्विवेदी का पौधा एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर स्वागत किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.