लखनऊ, जून 15 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कोडीन युक्त कफ सिरप के कथित डायवर्जन और दुरुपयोग संबंधित मामले में बलरामपुर निवासी थोक दवा विक्रेता वरुण लाठ की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने आदेश पारित करते हुए, कहा कि दवा बिक्री का लाइसेंस होने मात्र से किसी व्यक्ति को एनडीपीएस अधिनियम के तहत अभियोजन से छूट नहीं मिल जाती। मामला बलरामपुर के तुलसीपुर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर अशोक मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया था। जांच में कोडीन आधारित कोडीवा कफ सिरप की खरीद-बिक्री के अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। यह भी पढ़ें- फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामला: दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज आरोप है कि बड़ी मात्रा में कफ सिरप की बिक्री की गई, लेकि...