कोडरमा, जून 5 -- कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कोडरमा जिला में तेजी से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इसका मुख्य कारण वनक्षेत्र में अवैध उत्खनन, खनन, पेड़ों की कटाई आदि बन रहा है। वैसे तो कोडरमा जिला 40 प्रतिशत वनक्षेत्र से घिरा है। भारत सरकार के जारी 2021 के रिपार्ट के आधार पर वर्ष 2019 के बाद दो वर्षो में .04 प्रतिशत वनक्षेत्र का घनत्व घटा है। कोडरमा जिला 2540 स्क्वायर किलोमीटर में 1023.05 स्क्वायर किलोमीटर में वन क्षेत्र है। हलांकि घनत्व कम होने का मुख्य कारण रेल लाईन, सड़क निर्माण, बिजली के लाईन बिछाने के कारण पेड़ की कटाई और जंगलों की कटाई मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं लगातार घरों के निर्माण के साथ साथ पानी का संरक्षण भी नही हो पा रहा है। जहां तहां फेके जा रहे कचरे, प्लास्टिक आदि से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। प्लास्टिक मुक्त ...