कोडरमा, जून 15 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता खरीफ सीजन में धान की लम्बी अवधि का बिचड़ा तैयार करने का मुख्य समय (रोहिणी नक्षत्र) बीत चुका है। लेकिन, कोडरमा के किसान अब तक अनुदानित बीज के लिए तरस रहे हैं। सरकारी सिस्टम की सुस्ती का आलम यह है कि अब तक एक छटांक बीज की आपूर्ति नहीं हुई है। कृषि विभाग के कोरे आश्वासनों से थककर किसान अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। खेती पिछड़ने के डर से अन्नदाता मजबूरी में खुले बाजार से महंगे दामों पर हाइब्रिड बीज खरीदकर नर्सरी (बिचड़ा) तैयार कर रहे हैं। इससे खेती की शुरुआत में ही उनपर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है।आश्वासन यह भी पढ़ें- रोहिणी नक्षत्र में अनुदानित बीज से महरूम रह गए किसान की घुट्टी और बढ़ता आर्थिक बोझ:कोडरमा जिले के किसानों ने कहा कि अनुदान पर बीज लेने के लिए वे कई बार चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन, अधिकारी ...