बागेश्वर, अप्रैल 7 -- देवभूमि के शांत गांवों में अब नशे और जुए की जड़ें गहरी होती जा रही हैं, जिससे ग्रामीण परिवेश और पारिवारिक ढांचा चरमराने लगा है। ताजा मामला गरुड़ तहसील के कोठों गांव का है, जहां अवैध शराब की बिक्री और जुए के बढ़ते चलन ने महिलाओं का जीना मुहाल कर दिया है। अपनी सामाजिक मर्यादा और बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए अब यहां की मातृशक्ति सड़क पर उतर आई है। कोठों गांव की स्थिति यह हो गई है कि यहां सुबह होते ही अवैध शराब का कारोबार शुरू हो जाता है। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि गांव अब केवल ग्रामीणों का नहीं, बल्कि बाहरी अराजक तत्वों का अड्डा बन चुका है। इसपर लगाम लगाने के लिए अब मातशक्ति आगे आएगी। किसी ने भी शराब पीकर गांव में हुड़दंग किया तो उसके खिलाफ पुलिस और प्रशासन में शिकायत की जाएगी। गांव में शराब बेचने वालों पर जुर्मा...
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