नई दिल्ली, जून 11 -- कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हैरानी की बात यह है कि इस संवेदनशील मामले में सरकार के दो वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारियों के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर मौतों की वजह खराब इंजेक्शन और अत्यधिक रक्तस्राव को बता रहे हैं, जबकि ड्रग कंट्रोल कमिश्नर टी. सुमंगला का कहना है कि इन मौतों का कारण इंजेक्शन नहीं था।स्वास्थ्य मंत्री का दावा: इंजेक्शन में दवा नहीं, सिर्फ पानी था स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर ने कहा कि प्रसूताओं को डिलीवरी के बाद टोसिन इंजेक्शन लगाया गया था, जिसमें ऑक्सीटोसिन दवा होनी चाहिए थी। यह दवा प्रसव के बाद होने वाली ब्लीडिंग को रोकने के लिए दी जाती है। लेकिन जांच में सामने आया कि इंजेक्शन में दवा की जगह सिर्फ पानी था। नतीजा यह हुआ...