शामली, जून 24 -- शामली। शहर की विभिन्न कालोनियों में चल रहे कोचिंग सेंटरों पर पढने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा राम भरोसे है। कोचिंग सेंटरों पर मानकों को पूरा न किए जाने से कभी भी कोई बडा हादसा होने की संभावनाओं से इंकार नही किया जा सकता है। संक्रीय रास्ते और तंग गलियों में चल रहे कोचिंग सेंटर जिला प्रशासनिक अधिकारियों की शिथिलता को ब्यान कर रहे है। गत सोमवार को लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की दर्दनांक असमय मौत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि छात्र-छात्राओं को बचने का मौका भी नही मिल सका। यह भी पढ़ें- तंग रास्तों में कोचिंग, निकास का अभावउस पर अपर्याप्त फायर फाइटिंग व्यवस्था जिसका मुख्य कारण कोचिंग सेंटर में बनाये गए निकलने का रास्ता बेहद संकरा था। यही हाल शामली शहर के कोचिंग सेंटरों का भी है। शामल...