प्रयागराज, अप्रैल 8 -- युद्ध विराम की घोषणा के बाद शहर में कई मौलाना भी खुश हैं, जो ईरान से यहां रमजान के पहले आए थे। ईरान के धार्मिक शहर कुम से आए आधा दर्जन मौलाना मूलरूप से प्रयागराज के हैं। धार्मिक शिक्षा लेने के लिए कुम गए और वहीं के होकर रह गए। मौलाना अपने परिवार को कुम में छोड़कर जब यहां आए तो मध्य पूर्व में शांति थी। सोचा था कि ईद के बाद कुम लौटेंगे, लेकिन इसी दौरान युद्ध शुरू हो गया। रमजान में मस्जिदों में नमाज पढ़ाने आए मौलाना कुम में अपने परिवार को लेकर चिंतित रहते थे। युद्ध विराम के बाद सब खुश हैं। कुम से प्रयागराज आए मौलाना यासिर चाहते हैं कि उनका परिवार भारत आए। कुछ दिन बाद यहां से फिर कुम जाएंगे। यासिर की तरह कई और मौलाना अपने परिवार को वापस बुलाना चाहते हैं। ये मौलाना चाहते हैं कि अपने परिवार के साथ कुछ दिन रहने के बाद युद्...