संतकबीरनगर, मई 29 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में ग्राम पंचायतों में प्रशासक की जिम्मेदारी मिलने के बाद ग्राम प्रधानों की भूमिका, अधिकार और कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पंचायत चुनाव में देरी के चलते सरकार ने निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी तो सौंप दी है, लेकिन अब उन्हें पहले की तरह स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार नहीं रहेगा। खासकर जमीन और तालाब के पट्टे, बड़े विकास कार्यों और वित्तीय प्रस्तावों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। यह भी पढ़ें- प्रशासक बने ग्राम प्रधान कर सकेंगे केवल रूटीन कार्यग्राम प्रधानों की नई चुनौतियाँ ग्राम प्रधानों का कहना है कि अब जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है, लेकिन अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। गांवों में रोजमर्रा के विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और ...