केके गौरव, अगस्त 30 -- केके गौरव, संवाददाता, भागलपुर, हिन्दुस्तान। बिहार की जेलों में लंबे समय से बंद कैदियों के बीच मानसिक विकृति (साइकोसिस) के लक्षण दिखने लगे हैं। मानसिक संतुलन खो चुके कई बंदी अजीबोगरीब हिंसक व्यवहार कर रहे हैं। कोई तनाव और अवसाद में अपनी ही अंगुली चबा रहा है, तो कोई बैरक में साथ रह रहे दूसरे बंदियों को दांत काट रहा है। राज्य की 39 जेलों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के बाद विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट में 113 बंदी आंशिक रूप से मानसिक बीमारी से ग्रसित पाए गए हैं। 450 की संख्या में प्रारंभिक अवसाद तनाव के शिकार पाए गए हैं। बंदियों के लिए विशेष मानसिक जांच, इलाज और काउंसिलिंग की व्यवस्था शुरू की जा रही है। सहरसा मंडल कारा की क्षमता वर्तमान में बढ़कर 805 हो गई है। अभी 897 बंदी है। बेउर जेल अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि जेल...