रांची, जून 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक संघ ने रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आनेवाले कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई बंद कर इसे विश्वविद्यालय विभागों तक सीमित करने की प्रस्तावित योजना का विरोध किया है। संघ ने इसे झारखंड की भौगोलिक, सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों के प्रतिकूल बताते हुए निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। संघ के महासचिव डॉ राम कुमार तिर्की ने कहा कि झारखंड का बड़ा हिस्सा ग्रामीण व आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां के छात्र-छात्राएं वर्षों से अपने नजदीकी कॉलेजों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करते रहे हैं। अगर उच्च शिक्षा केवल विश्वविद्यालय विभागों तक सीमित कर दी जाती है, तो दूरदराज क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो जाएगा।उन्होंने यह भी पढ़ें-...