जमशेदपुर, मार्च 8 -- अप्रैल में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले शहर के अधिकांश निजी स्कूलों में कॉपी-किताबों के साथ-साथ स्कूल ड्रेस की कीमतों में भी करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। बढ़ती लागत ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है और उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। खर्च कम करने के लिए कई अभिभावक अब पुरानी किताबों का सहारा ले रहे हैं, जिसके चलते पुराने बुक स्टोर पर नई किताबों की दुकानों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। शहर के अधिकांश स्कूलों में अप्रैल माह से नया सत्र शुरू हो रहा है। कई स्कूलों ने फाइनल परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं, जबकि कुछ में परिणाम आने बाकी है। सत्र में किताबें, कॉपियां, स्कूल ड्रेस और फीस का बोझ हर साल अभिभावकों पर पड़ता है। मार्च-अप्रैल में नामांकन का दौर है। इस दौरान बच्चों की नई कित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.